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कॉफ़ी सांख्यिकी
क्षेत्र एवं उत्पादन होल्डिंग्स निर्यात उपभोग
भारत के प्रमुख राज्यों/जिलाओं में कॉफ़ी उत्पादन (in MTs)
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राज्य/जिला
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पुष्पणोत्तर प्राक्कलन
2016-17
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अंतिम प्राक्कलन
2014-15
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अरेबिका
|
रोबस्टा
|
कुल
|
अरेबिका
|
रोबस्टा
|
कुल
|
|
कर्नाटक
|
|
|
|
|
|
|
|
चिक्कमगलूर
|
38,750
|
32,035
|
76,785
|
40,600
|
41,400
|
82,000
|
|
कोडगु
|
17,510
|
103,925
|
121,435
|
19,150
|
118,150
|
137,300
|
|
हासन
|
18,225
|
12,900
|
31,125
|
18,900
|
13,320
|
32,220
|
|
उप कुल
|
74,485
|
154,860
|
229,345
|
78,650
|
172,870
|
251,520
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
केरल
|
|
|
|
|
|
|
|
वयनाड़
|
0
|
51,925
|
51,925
|
0
|
57,850
|
57,850
|
|
ट्रावनकोर
|
990
|
6,750
|
7,740
|
1000
|
7,480
|
8,480
|
|
नेल्लियांपतीस
|
1,150
|
300
|
2,750
|
1,200
|
1,700
|
2,900
|
|
उप कुल
|
2,140
|
60,300
|
62,400
|
2,200
|
67,030
|
69,230
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
तमिलनाडु
|
|
|
|
|
|
|
|
पलनीस
|
6,550
|
365
|
6,915
|
6,785
|
340
|
7,125
|
|
नीलगिरीस
|
1,400
|
3,750
|
5,150
|
1,325
|
3,575
|
4,900
|
|
शेवरोयस (सेलम)
|
3,625
|
70
|
3,695
|
3,400
|
70
|
3,470
|
|
आनमलाइस (कोयंबत्तूर)
|
1,300
|
500
|
1,800
|
1,300
|
500
|
1,800
|
|
उप कुल
|
12,875
|
4,685
|
17,560
|
12,810
|
4,485
|
17,295
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
गैर-पारंपरिक क्षेत्र
|
|
|
|
|
|
|
|
आंध्र प्रदेश
|
9,750
|
50
|
9,800
|
9,150
|
50
|
9,200
|
|
उड़ीशा |
650
|
0
|
650
|
600
|
0
|
600
|
|
उप कुल
|
10,400
|
50
|
10,450
|
9,750
|
50
|
9,800
|
|
पूर्वोत्तर क्षेत्र
|
100
|
105
|
205
|
90
|
65
|
155
|
|
सर्वयोग (भारत)
|
100,000
|
220,000
|
320,000
|
103,500
|
244,500
|
348,000
|
2016-17 के सीज़न के लिए पुष्पणोत्तर कॉफ़ी फसल पूर्वानुमान
-
2016-17 के सीज़न के लिए पुष्पणोत्तर कॉफ़ी फसल का परिमाण 320,000 मेट्रिक टन हैं जिसमें 100,000 मेट्रिक टन के अरेबिका तथा 220,000 मेट्रिक टन के रोबस्टा सम्मिलित हैं। यह गत वर्ष अर्थात 2015-16 के अंतिम प्राक्कलन (348,000 मे.ट) से 28,000 मे.ट (-8.05%) की समग्र घटाव है। 2016-17 के लिए अरेबिका का पुष्पणोत्तर प्राक्कलन में गत वर्ष 2015-16 के समांतर अंतिम प्राक्कलन से -3.38% (3,500 मे.ट) की घटाव पाई गई है, जबकि रोबस्टा के प्राक्कलन में गत वर्ष 2015-16 के समांतर अंतिम प्राक्कलन से -10.02% (24,500 मे.ट) की घटाव दिखाई गई है। 2016-17 के पुष्पणोत्तर प्राक्कलन में 22,175 मे.ट की अधिक घटाव कर्नाटक से पाई गई तथा उसके बाद 6,730 मे.ट की घटाव केरल से आई है।
2016-17 के पुष्पणोत्तर प्राक्कलन में आई घटाव के प्रमुख कारण कर्नाटक तथा कुछ हद तक केरल में उच्च तापमान के साथ हुए लंबित पुष्पण एवं समर्थन बौच्छार हैं। कर्नाटक राज्य के अधिकतर कॉफ़ी क्षेत्रों में, सिंचाई की सुविधा प्राप्त एस्टेटों में फरवरी-मार्च के पुष्पण के प्रारंभिक स्तर पर एक राउंड समर्थन सिचाई के साथ अपने रोबस्टा ब्लॉक पर सिंचाई की। अनुवर्ती प्राकृतिक बौच्छार के अभाव तथा अधिक तापमान के कारण सिंचित एस्टेटों में भी पुष्पण कम हुआ। ग्रीष्म (पुष्पण) बौच्छार का प्रथम चरण अप्रैल माह के दौरान प्राप्त हुई तथा वह भी कमजोर एवं प्रत्येक क्षेत्र तक सीमित प्रकृति की थी। इस अप्रैल के बौच्छार से अरेबिका पुष्पण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, बल्कि सिंचाईरहित रोबस्टा क्षेत्रों में छितराए हुए, असमान पुष्पण दिखाई पड़ा, जो कर्नाटक के रोबस्टा क्षेत्र के 40% में हुआ। गरम एवं आर्द्र वातावरण तथा अपर्याप्त बौच्छारों के कारण रोबस्टा की कलियाँ गुलाबी एवं झुलसी हो गईं। अधिकतर जल संसाधनों के सूखने के कारण उपजकर्ता सिंचाई के लिए अनुपूरक संसाधनों का उपयोग भी नहीं कर पाते। हालाँकि, मई 2016 के प्रथम पखवाड़े के दौरान अधिकतर कॉफ़ी क्षेत्रों में व्यापक वर्षा प्राप्त हुई, जो अरेबिका के लिए पुष्पण बौच्छार तथा रोबस्टा कॉफ़ी के लिए समर्थन बौच्छार स्थापित हुई । बाद में, अरेबिका के उत्तम फसल अंतरण के लिए समर्थन के रूप में मई 2016 के द्वितीय पखवाड़े के दौरान भी बौच्छारें प्राप्त हुईं।
कर्नाटक में, मनसूनोत्तर फसल 253,340 मे.ट अनुमानित किया गया जिसमें अरेबिका 82,460 मे.ट तथा रोबस्टा 170,880 के विघटन दिखाया गया। इससे वर्ष 2014-15 के अंतिम प्राक्कलन की तुलना में 20,110 मे.ट (8.62%) की वृद्धि हुई है जिसमें अरेबिका की 10.31% (7,705 मे.ट) तथा रोबस्टा की 7.83% (12,405 मे.ट) की वृद्धि प्राप्त हुई है। कर्नाटक के जिलाओं में कोड़गु जिले में वर्ष 2014-15 के अंतिम प्राक्कलन की तुलना में 15,585 मे.ट (8.62%) की सबसे अधिक वृद्धि हुई है जिसमें अरेबिका व रोबस्टा दोनों की वृद्धि क्रमश: 3,055 मे.ट (16.94%) तथा 12,530 मे.ट (12.04%) थी। चिक्कमगलूर जिले में वर्ष 2014-15 के अंतिम प्राक्कलन की तुलना में 4,730 मे.ट (5.98%) की वृद्धि हुई है जिसमें अरेबिका की 4,225 मे.ट (11.06) व रोबस्टा की 505 मे.ट (1.24%) वृद्धि हुई है। जबकि हासन जिले में वर्ष 2014-15 के अंतिम प्राक्कलन की तुलना में 205 मे.ट (-0.64%) की न्यूनतम घटाव हुई है जिसमें अरेबिका की 425 मे.ट (2.29%) की वृद्धि तथा रोबस्टा की 630 मे.ट (-4.66%) की घटाव हुई है।
वर्ष 2016-17 देश के कॉफ़ी फसल के लिए विपरीत मौसमी परिस्थितियों के अलावा मंदी का वर्ष रहा है जबकि गत वर्ष (2015-16) फसल के सर्वोत्तम कीर्तिमान के साथ समृद्धिपूर्ण वर्ष रहा था।
कॉफ़ी उपजाने वाले राज्यों में कर्नाटक राज्य में वर्ष 2016-17 के पुष्पणोत्तर अनुमान 229,345 मे.ट रहा है, जिसमें 74,485 मे.ट अरेबिका तथा 154,860 मे.ट रोबस्टा सम्मिलित हैं। कॉफ़ी उपजाने वाले तीनों जिलाओं में गत वर्ष (2015-16) के अंतिम फसल अनुमान की तुलना में उत्पादन में अत्यधिक कमी पाई गई है जिसमें रोबस्टा उत्पादन की अधिकतम 18,010 मे.ट (-10.42%) तथा अरेबिका की 4,165 मे.ट (-5.30%) की घटाव रेकोर्ड की गई है। जिलाओं में से कोड़गु जिला में अधिकतम 15,865 मे.ट (-11.55%), उसके बाद चिक्कमगलूर में 5,215 मे.ट (6.36%) तथा हासन में 1,095 मे.ट (3.40%) की घटाव रेकॉर्ड की गई है।
अरेबिका के प्रमुख उत्पादन क्षेत्र केरल में, गत वर्ष के अंतिम प्राक्कलन 69,230 मे.ट की तुलना में वर्ष 2016-17 का पुष्पणोत्तर अनुमान 62,440 मे.ट रहा है जिसमें 6,790 मे.ट (-9.81%) की कमी आई है।
तमिलानाडु में, गत वर्ष के अंतिम फसल प्राक्कलन 17,295 मे.ट की तुलना में वर्ष 2016-17 का पुष्पणोत्तर पूर्वानुमान 17,560 मे.ट रहा है, जिसमें 265 मे.ट (1.53%) की न्यूनतम वृद्धि पाई गई है।
आंध्र प्रदेश एवं उड़ीशा के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों का पुष्पणोत्तर पूर्वानुमान 10,655 मे.ट रहा है ,जबकि गत वर्ष का अंतिम अनुमान 9,955 मे.ट था। धारित क्षेत्र में वृद्धि के कारण मुख्यतया आंध्र प्रदेश का पूर्वानुमान अधिकतम रहा है।
जोतों की संख्या
|
क्षेत्र का नाम
|
2014-15
|
|
<10
|
>10
|
कुल
|
|
चिक्कमगलूर
|
14853
|
1166
|
16019
|
|
हासन
|
11228
|
350
|
11578
|
|
मडिकेरी
|
20422
|
236
|
20658
|
|
वीराजपेट
|
22864
|
253
|
23117
|
|
कर्नाटक के कुल जोत
|
69367
|
2005
|
71372
|
|
केरल
|
77110
|
275
|
77385
|
|
तमिलनाडु
|
15379
|
343
|
15722
|
|
गैर-पारंपरिक क्षेत्र
|
1,51,842
|
343
|
1,51,868
|
|
पूर्वोत्तर क्षेत्र
|
9,055
|
9
|
9,064
|
|
गैर-पारंपरिक क्षेत्र के कुल जोत
|
1,61,856
|
2,623
|
1,64,479
|
|
सर्वयोग
|
3,22,753
|
2658
|
3,25,411
|
निर्यात
देशवार भारत से कॉफ़ी का निर्यात 2014-15
देशवार भारत से कॉफ़ी का निर्यात 2013-14
देशवार भारत से कॉफ़ी का निर्यात 2012-13
भारत में कॉफ़ी उपभोग
अनुमानित स्वदेशी उपभोग (वर्ष 2000 से)
|
कैलेंडर वर्ष
|
परिमाण (मे.ट में)
|
|
2000
|
60000
|
|
2001
|
64000
|
|
2002
|
68000
|
|
2003
|
70000
|
|
2004
|
75000
|
|
2005
|
80200
|
|
2006
|
85000
|
|
2007
|
90000
|
|
2008
|
94,400
|
|
2009
|
102,000
|
|
2010
|
108,000
|
|
2011 (prov.)
|
115,000
|
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