प्लांटर

 


सस्यवैज्ञानिक प्रथाएँ

 

नर्सरी

• बीज केवल प्राधिकृत स्रोतों से ही प्राप्त करें।
• कॉफ़ी बेरी बोरर प्रभावित क्षेत्रों से बीज प्राप्त न करें।
• बीज प्राप्त होते ही उन्हें बोएं, क्योंकि उनकी जीवनक्षमता कम है।

मृदा व जल संरक्षण

मृदा संवर्धन

घास-पात फैलाव निवारण

घास-पात नियंत्रण

छाया प्रबंधन

बुश प्रबंधन

पोषण प्रबंधन

कीटाणु एवं रोग प्रबंधन – संक्षिप्त विवरण

कीटाणु प्रबंधन

कॉफ़ी व्हाइट स्टेम बोरर प्रबंधन

रोग प्रबंधन

कॉफ़ी पत्ताकीट प्रबंधन

फसलोत्तर कार्यवाही : संक्षिप्त विवरण

भारत में जैव कॉफ़ी

भारत में कॉफ़ी - फसल के पूर्वानुमान/प्राक्कलन