विस्तारण सेवाएँ
कॉफ़ी उपजकर्ताओं को बेहत्तर उत्पादन/उत्पादकता तथा कॉफ़ी की गुणता में सुधार प्राप्त करने के लिए अनुसंधान विभाग द्वारा मानकीकृत कॉफ़ी प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करना कॉफ़ी बोर्ड की विस्तारण सेवा का मुख्य क्रियाकलाप है। इससे कॉफ़ी एस्टेटों में कॉफ़ी प्रौद्योगिकी के क्रियान्वयन में कॉफ़ी के बागान-मालिकों एवं अनुसंधानरत वैज्ञानिकों के बीच अंतर कम करने में सहायता प्राप्त होगी।
कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु जैसे पारंपरिक क्षेत्र की विस्तारण सेवा के अंतर्गत लगभग 3.47 लाख हेक्टरों में खेती करने वाले 1.64 लाख उपजकर्ता समाहित हैं।
हासन के संयुक्त निदेशक (विस्तारण), कर्नाटक के चार उप निदेशक (विस्तारण), सात वरिष्ठ संपर्क अधिकारी तथा तेईस कनिष्ठ संपर्क अधिकारियों की विस्तारण गतिविधियों की निगरानी एवं दिशा-निदेश का कार्य करते हैं।
कल्पट्टा के संयुक्त निदेशक (विस्तारण), केरल व तमिलनाडु राज्य के दो उप निदेशक (विस्तारण), आठ वरिष्ठ संपर्क अधिकारी तथा तेरह कनिष्ठ संपर्क अधिकारियों की विस्तारण गतिविधियों की निगरानी एवं दिशा-निदेश का कार्य करते हैं।
अनुसंधान निदेशक, केंद्रीय कॉफ़ी अनुसंधान संस्थान, सभी विस्तारण योजना कार्यक्रम एवं विस्तारण सेवाओं का समग्र पर्यवेक्षण का कार्य करते हैं।
विभिन्न योजनाओं/गतिविधियों के नियोजन व निगरानी, मुख्य कार्यालय, बेंगलूर के योजना एवं समन्वय सेल द्वारा की जाती हैं।
विस्तारण विभाग का संगठनात्मक चार्ट (विस्तारण नेटवर्क) नीचे दिया गया है:
विस्तारण कार्यक्रम :
प्रमुख अनुमानित विस्तारण कार्यक्रम निम्नलिखित हैं :
• कलेंडर वर्ष की निर्धारित/अनुमानित योजना के अनुसार वर्तमान विस्तारण योजना स्कीमों का क्रियान्वयन
• प्रभावकारी प्रचालन की कुशलता बढाने के लिए पद्धति व्याख्यान / ऑन-फ़ार्म व्याख्यानों का संचालन
• ग्रामीण/ सामूहिक ग्रूप स्तर पर बैठक एवं संगोष्ठियों का अयोजन
• कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु के कॉफ़ी उपजकर्ताओं तथा कामगारों के ज्ञान व कुशलता स्तर विकसित करने के लिए सामूहिक संपर्क/ सामूहिक संचार कार्यक्रम, संचार माध्यम अभियान तथा अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन
• महिला कॉफ़ी उपजकर्ताओं तथा कामगारों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
• फसल की विवरणिका एवं फसल अनुमान प्रस्तुति, कीटाणुओं व रोगों के प्रकोप आदि पर सर्वेक्षण
• मासिक वर्षापात डाटा का संकलन एवं प्रस्तुति तथा उपजकर्ता समुदाय के लिए उपयुक्त सलाह प्रदान करना
• टीईसी’स का रख-रखाव तथा फ़ार्म्स के उत्पादन/उत्पादकता बढ़ाने के लिए वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति
• कॉफ़ी उपजकर्ताओं को उत्तम कॉफ़ी श्रेणियों के कॉफ़ी बीजों की आपूर्ति
• सामूहिक सभा/ संगोष्ठियाँ/संपर्क सह निर्धारण अभियान
विस्तारण अधिकारी द्वारा कॉफ़ी क्षेत्र के विभिन्न अंचलों में सावधिक रूप से छोटे एवं बडे कॉफ़ी उपजकर्ताओं को लाभान्वित करने के लिए कॉफ़ी के विभिन्न पहलुओं पर ग्रामीण स्तर के सामूहिक सभा, जागरूकता अभियान एवं संगोष्ठियाँ आयोजित की जाती हैं।
सामूहिक संपर्क कार्यक्रम :
आंध्र प्रदेश एवं उड़िशा जैसे गैर-पारंपरिक राज्यों में कॉफ़ी बोर्ड द्वारा प्रदत्त विस्तारण सेवाएँ
क) आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में 58,131 हेक्टर्स में कॉफ़ी की खेती की जाती है तथा यह 1,15,883 उपजकर्ताओं के स्वामित्वाधीन है। जनजातीय क्षेत्रों में उत्पादन/उत्पादकता तथा कॉफ़ी की गुणता में सुधार प्राप्त प्राप्त करने के लिए कॉफ़ी जोतों के निरीक्षण व संपर्क, क्षेत्र व्याख्यानों का आयोजन, समूह परिचर्चा, सूचना-पत्र, गुणता जागरूकता अभियान आदि के द्वारा प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण सहित विस्तारण गतिविधियाँ क्रियान्वित की जाती हैं। अन्य गतिविधियों के अधीन यहाँ के जनजातीय उपजकर्ताओं के लिए परंपरागत कॉफ़ी उपजाने वाले क्षेत्रों का दौरा आयोजित किया जाता है। मिनिमुलूरु में स्थित प्रौद्योगिकी मूल्यांकन केंद्र इस क्षेत्र के लिए विशेष प्रौद्योगिकी के निदर्शन फ़ार्म के रूप में काम करता है। चिंतपल्ली में स्थित मिनी कॉफ़ी क्यूरिंग वर्क्स में जनजातीय कॉफ़ी उपजकर्ताओं के द्वारा प्रस्तुत असंस्कृत कॉफ़ी का संसाधन किया जाता है।
ख) उडिशा :
उडिशा में लगभग 3935 हेक्टर्स में कॉफ़ी की खेती की जाती है तथा यह 2545 उपजकर्ताओं के स्वामित्वाधीन है। जनजातीय क्षेत्रों में उत्पादन/उत्पादकता तथा कॉफ़ी की गुणता में सुधार प्राप्त प्राप्त करने के लिए कॉफ़ी जोतों के निरीक्षण व संपर्क, क्षेत्र व्याख्यानों का आयोजन, समूह परिचर्चा, सूचना-पत्रों, गुणता जागरूकता अभियान आदि द्वारा प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण सहित विस्तारण गतिविधियाँ क्रियान्वित की जाती हैं। अन्य गतिविधियों के अधीन यहाँ के जनजातीय उपजकर्ताओं के लिए परंपरागत कॉफ़ी उपजाने वाले क्षेत्रों का दौरा आयोजित किया जाता है। कोरापुट पर स्थित प्रौद्योगिकी मूल्यांकन केंद्र इस क्षेत्र के लिए विशेष प्रौद्योगिकी के निदर्शन फ़ार्म के रूप में काम करता है। गैर-पारंपरिक क्षेत्र में (आंध्र प्रदेश व उड़ीशा) विशाखपट्टनम के संयुक्त निदेशक(विस्तारण), एक उप निदेशक (विस्तारण), दो वरिष्ठ संपर्क अधिकारियों एवं तीन कनिष्ठ संपर्क अधिकारियों की निगरानी करते हैं तथा विस्तारण गतिविधियों के लिए दिशा-निदेश देते हैं।
संगठनात्मक चार्ट (विस्तारण) – एनटीए
पूर्वोत्तर क्षेत्रों में कॉफ़ी बोर्ड द्वारा प्रदत्त विस्तारण सेवाएँ
असम, मिज़ोरम,त्रिपुरा,मेघालय,नागालेंड,अरुणाचल प्रदेश एवं मणिपुर आदि सात पूर्वोत्तर राज्यों में लगभग 6,039 हेक्टर्स में कॉफ़ी की खेती की जाती है। टीईसी’स में पद्धति व्याख्यानों का आयोजन, समूह परिचर्चा, गुणता जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन आदि द्वारा प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण सहित विस्तारण गतिविधियाँ क्रियान्वित की जाती हैं तथा जनजातीय उपजकर्ताओं के लिए परंपरागत कॉफ़ी उपजाने वाले क्षेत्रों का दौरा आयोजित किया जाता है। बालपुई (मिज़ोरम), हाफ़लोंग (एन.सी.हिल्स,असम), डियोमाली (अरुणाचल प्रदेश), तुलाकोना (अगरतला,त्रिपुरा) आदि पर स्थित चार प्रौद्योगिकी मूल्यांकन केंद्र इस क्षेत्र के लिए विशेष प्रौद्योगिकी के निदर्शन फ़ार्म के रूप में काम करते हैं। लोखरा,गुवाहाटी पर स्थित कॉफ़ी संसाधन फ़ैक्टरी तथा बालपुई,मिज़ोरम में स्थित मिनी कॉफ़ी क्यूरिंग वर्क्स में जनजातीय कॉफ़ी उपजकर्ताओं के द्वारा प्रस्तुत असंस्कृत कॉफ़ी का संसाधन किया जाता है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में (असम,मिज़ोरम,त्रिपुरा,मेघालय,नागालेंड,अरुणाचल प्रदेश एवं मणिपुर) गुवाहाटी के संयुक्त निदेशक(विस्तारण), दो उप निदेशक (विस्तारण), छह वरिष्ठ संपर्क अधिकारियों एवं एक कनिष्ठ संपर्क अधिकारियों की निगरानी करते हैं तथा विस्तारण गतिविधियों के लिए दिशा-निदेश देते हैं।
संगठनात्मक चार्ट (विस्तारण) – एनईआर








