विशिष्ट कॉफ़ियाँ

परिचय

विशिष्ट कॉफ़ियाँ उत्तम गुणता की कॉफ़ियाँ हैं जो दृश्य गुणता या कप अथवा दोनों के महत्व से सामान्य व कॉफ़ी से भिन्न हैं। विशिष्ट कॉफ़ियाँ अपनी अनोखी विशेषताओं के आधार पर पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत की जा सकती हैं। :

1)कैफ़ीनमुक्त कॉफ़ी

कृत्रिम रुप से कैफ़ीन हटाए गए कॉफ़ी कैफ़ीन मुक्त कॉफ़ी के रुप में जाने जाते हैं। उपभोक्ताओं का एक ऐसा विशिष्ट समूह है जो स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने के कारण कैफ़ीन मुक्त कॉफ़ी को प्राथमिकता देते हैं।


2) जैव कॉफ़ी  

उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरुकता एवं वातावरण संरक्षण के कारण विकसित देशों में रसायनों और कीटनाशकों के प्रयोग के बिना उगाई गई कॉफ़ी की माँग बहुत अधिक है।


3) उन्नत संवृद्ध कॉफ़ी  

उच्च उन्नतांशों अर्थात 4000 फीट से अधिक की ऊँचाई पर उपजाई गई कॉफ़ी , फलियों के मंद विकास के कारण कप में एक विशिष्ट स्वाद एवं अम्लीेयता के लिए जाने जाते हैं।


4) एस्टेट कॉफ़ी (एकल मूल कॉफ़ी ) 

एस्टेट के विशिष्ट कॉफ़ी की विशेषताओं के साथ उत्तम गुणता की कॉफ़ी के उत्पादन की एस्टेट ब्रैंडेड कॉफ़ी के रुप में वर्गीकृत किया जा सकता है। इसके सृजन के लिए प्रोन्नयन, विविधता,सांस्कृतिक प्रथाएँ तथा विशिष्ट संसाधन तकनीक अपनाए जाते हैं। एस्टेट कॉफ़ियाँ सामान्य मिट्टी में एकल रुप में उपजाई जाती हैं तथा अपने स्वाद एवं अनोखी महक के कारण विशिष्ट पहचान बनाती हैं। सामान्यत: एस्टेट कॉफ़ी महँगी होती है और वास्तव में विशिष्ट कॉफ़ी बाजार में अपना स्थान निर्धारित करती है।


5) मनोरंजक कॉफ़ी  

कॉफ़ी के कुछ प्रकार पौधे की आनुवंशिक सृजन के कारण उत्तम गुणता के साथ प्रचलित होते हैं। इस प्रकार की कॉफ़ी के फल उनके अपने विशिष्ट गुण बनाए रखने के लिए अलग से तोड़कर संसाधित किए जा सकते हैं। केन्ट्सय, अगारो, सियोसी, सी x आर जैसी भारतीय कॉफ़ी की कुछ श्रेणियाँ, अपनी कप गुणता के कारण अद्वितीय हैं। इन श्रेणियों के अलग संसाधन उनकी स्वाभाविक गुणता के संसाधन में सहायक होता है।

संसाधन

विशिष्ट कॉफ़ी ही क्यों?

भारत की विशिष्ट कॉफ़ियाँ